Loading
Monday, September 07, 2026
Login / Register
देश
बिहार
झारखंड
राजनीति
अपराध
खेल
करियर
कारोबार
पंचांग-राशिफल
लाइफ स्टाइल
विदेश
ओपिनियन
विशेष
×
देश
बिहार
झारखंड
राजनीति
अपराध
खेल
करियर
कारोबार
पंचांग-राशिफल
लाइफ स्टाइल
विदेश
ओपिनियन
विशेष
Home
News
मुख्यमंत्री के घोषणा के सम्मान में सम्बद्ध कालेजकर्मियों का अनिश्चितकालीन धरना कार्यक्रम स्थगित
मुख्यमंत्री के घोषणा के सम्मान में सम्बद्ध कालेजकर्मियों का अनिश्चितकालीन धरना कार्यक्रम स्थगित
by
Arun Pandey,
September 06, 2026
in
बिहार
प्रकाशनार्थ / प्रसारनार्थ
----------------------
*मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी का शिक्षक दिवस पर ऐतिहासिक घोषणा स्वागत योग्य : शिक्षक संगठन*
===================
*9 सितम्बर से मुख्यमंत्री के समक्ष आहूत अनिश्चितकालीन धरना स्थगित: फैक्टनेब*
------------------------------
पटना , 6 सितम्बर - पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हाॅल में आयोजित राजकीय समारोह में बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने वित्तरहित अनुदानित संस्थानों के शिक्षकों-कर्मियों के लिए वित्त रहित कलंक को मिटाते हुए एक सम्मानजनक वेतन संरचना देने की घोषणा से शिक्षाकर्मियों में हर्ष और उल्लास का वातावरण प्रज्वलित हुईं है।
अखिल भारतीय विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक महासंघ ( एआइफुक्टो) के राष्ट्रीय महासचिव प्रो.(डाॅ ) अरुण कुमार, बिहार राज्य संबद्ध डिग्री महाविद्यालय शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी महासंघ (फैक्टनेब) के अध्यक्ष डॉ शंभुनाथ प्रसाद सिन्हा, महासचिव प्रो राजीव रंजन, मीडिया प्रभारी प्रो अरुण गौतम, उपाध्यक्ष प्रो नसीम रेजा खान, सचिव प्रो श्रवण कुमार व डॉ रविन्द्र कुमार, डॉ अनुराग ठाकुर , डॉ रविकांत सिंह ने कहा कि यह सूबे के अनुदानित संस्थानों में कार्यरत हजारों शिक्षकों-कर्मियों के लिए एक ऐतिहासिक फैसला है।इसका तहेदिल से स्वागत किया जाना चाहिए। फैक्टनेब नेताओं ने बताया कि 9 सितम्बर से मुख्यमंत्री के समक्ष आहूत अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन कार्यक्रम को मुख्यमंत्री के घोषणा के सम्मान में स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। सरकार का रुख देखकर आगे का कार्यक्रम तय किया जाएगा।
नेताओं ने बताया कि 1980 के दशक से वित्तरहित का दंश भोगते हजारों शिक्षक-कर्मियों को 2008 में परीक्षा परिणाम आधारित अनुदान मिलने पर एक बड़ी उम्मीद जगी थी। लेकिन निरंतर और कठिन संघर्ष करते हुए सैकड़ों लोग स्वर्गवासी हो गये।सैकड़ों लोग आजीवन कार्य संपन्न करते हुए बिना किसी लाभ और वेतन के अवकाश प्राप्त हो गये।उनके घर परिवार को संकट के अनेक मौके पर दिक्कतों और विपत्तियों का सामना करना पड़ा।लेकिन इन संस्थानों के शिक्षक-कर्मियों ने अपने संघर्ष की लौ को जलाये रखा।उसी निरंतर संघर्ष और एकजुटता ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है।
शिक्षकों-कर्मियों का दशकों का सतत संघर्ष और वोट के राजनीतिक दबाव ने हमारे शिक्षक और स्नातक क्षेत्रों के माननीय विधान पार्षदों को उनके पक्ष में सक्रिय होने को मजबूर किया।बहरहाल इस सहयोग और सक्रियता के लिए उन सबों को बहुत बहुत धन्यवाद है ,आभार है।परंतु इस बात के लिए तमाम शिक्षकों-कर्मियों और सहयोगी शिक्षक- स्नातक क्षेत्र के विधान पार्षदों को चौकन्ना रहना होगा कि मुख्यमंत्री जी की घोषणा धरातल पर जरुर उतरे।यह घोषणा कमिटियों के अनंत चक्रव्यूह में न फंसे।जैसा कि पिछले दिनों होता रहा है।इस पर शीघ्रातिशीघ्र मंत्रिमंडल का फैसला हो और निर्णय जमीन पर लागू होता दिखे।सभी सहयोगी माननीय विधान पार्षदों से अनुरोध होगा कि आगामी दो-तीन महीनों में प्रस्तावित विधान परिषद चुनाव के पहले यह निर्णय लागू करवाने की गारंटी करेंगे।
you may also like
by david hall
descember 09, 2016
Maecenas accumsan tortor ut velit pharetra mollis.
by david hall
descember 09, 2016
Maecenas accumsan tortor ut velit pharetra mollis.
by david hall
descember 09, 2016
Maecenas accumsan tortor ut velit pharetra mollis.
by david hall
descember 09, 2016
Maecenas accumsan tortor ut velit pharetra mollis.
by david hall
descember 09, 2016
Maecenas accumsan tortor ut velit pharetra mollis.
Advertise