Loading
Tuesday, September 01, 2026
Login / Register
देश
बिहार
झारखंड
राजनीति
अपराध
खेल
करियर
कारोबार
पंचांग-राशिफल
लाइफ स्टाइल
विदेश
ओपिनियन
विशेष
×
देश
बिहार
झारखंड
राजनीति
अपराध
खेल
करियर
कारोबार
पंचांग-राशिफल
लाइफ स्टाइल
विदेश
ओपिनियन
विशेष
Home
News
प्रत्येक अमीन को प्रतिमाह कम से कम 20 मापी मामलों के निष्पादन का निर्देश. खराब प्रदर्शन और कार्य में लापरवाही करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रत्येक अमीन को प्रतिमाह कम से कम 20 मापी मामलों के निष्पादन का निर्देश. खराब प्रदर्शन और कार्य में लापरवाही करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
by
Arun Pandey,
August 31, 2026
in
बिहार
सरकारी भूमि की पहचान में ढिलाई बर्दाश्त नहीं, लंबित सभी मामलों का करें समयबद्ध निष्पादन : डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल
अतिक्रमण वादों का ऑफलाइन निष्पादन करने वाले अंचल अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई का आदेश
पटना.31अगस्त। सरकारी भूमि की पहचान, लंबित मापी, म्यूटेशन एवं अन्य राजस्व मामलों के निष्पादन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर अब विभाग सख्त कार्रवाई करेगा। माननीय राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने स्पष्ट कहा है कि सरकारी कार्यों में अनावश्यक देरी और खराब प्रदर्शन किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सोमवार को अपने कार्यालय कक्ष से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी जिलों के अपर समाहर्ताओं, भूमि सुधार उप समाहर्ताओं एवं अंचल अधिकारियों के कार्यों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने कहा कि सरकारी भूमि की पहचान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। इस कार्य में कोताही बरतने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
उन्होंने पूर्णिया, बेगूसराय, वैशाली, सीतामढ़ी, भोजपुर, कैमूर, कटिहार, औरंगाबाद, सहरसा एवं भागलपुर जिलों को सरकारी भूमि की पहचान के कार्य में तत्काल तेजी लाने का निर्देश दिया।
माननीय मंत्री ने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में कहा कि जनता से जुड़े राजस्व मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखना अब स्वीकार्य नहीं है। हर अधिकारी को निर्धारित समय-सीमा के भीतर परिणाम देना होगा। सिर्फ बैठक और समीक्षा से काम नहीं चलेगा, जमीनी स्तर पर प्रगति दिखनी चाहिए।
मापी मामलों की समीक्षा के दौरान सचिव श्री जय सिंह ने लंबित मामलों का बैकलॉग शीघ्र समाप्त करने का निर्देश दिया। प्रत्येक अमीन को प्रतिमाह कम से कम 20 मापी मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही अभियान बसेरा-02 के तहत पात्र लाभार्थियों की पहचान का कार्य लगातार जारी रखने तथा सर्वेक्षण से संबंधित आंकड़ों को अद्यतन करते हुए 15 सितंबर तक सभी प्रमाणपत्रों को सॉफ्टवेयर पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया।
समीक्षा बैठक में यह भी स्पष्ट निर्देश दिया गया कि कोई भी जमाबंदी बिना खाता एवं खेसरा विवरण के दर्ज नहीं रहनी चाहिए। सरकारी भूमि से जुड़े म्यूटेशन मामलों का निष्पादन सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर करने को कहा गया।
डिफेक्ट चेक में भोजपुर, सुपौल, नवादा, शिवहर एवं शेखपुरा का प्रदर्शन बेहतर पाया गया। अन्य जिलों को अपने प्रदर्शन में सुधार लाने के लिए कहा गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि किसी भी आवेदन को अस्वीकृत करने की स्थिति में स्पष्ट और ठोस कारण अंकित किया जाए तथा आवश्यक दस्तावेजों की कमी का पूरा विवरण आवेदक को उपलब्ध कराया जाए।
म्यूटेशन मामलों की समीक्षा में बेगूसराय, दरभंगा, सारण, समस्तीपुर एवं मुजफ्फरपुर का प्रदर्शन बेहतर रहा। मंत्री ने अन्य जिलों के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि समय-सीमा का पालन नहीं करने और लगातार खराब प्रदर्शन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। विभागीय कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं की समीक्षा में परिमार्जन प्लस के तहत डिजिटाइज्ड जमाबंदी मामलों में बांका, कैमूर, रोहतास, शेखपुरा एवं औरंगाबाद का प्रदर्शन बेहतर पाया गया। छूटी हुई जमाबंदियों के निष्पादन में कैमूर, पटना, रोहतास, सारण एवं मधुबनी ने बेहतर प्रदर्शन किया।
ई-मापी के मामलों में जहानाबाद, अरवल, औरंगाबाद, पश्चिम चंपारण एवं पूर्वी चंपारण बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों में शामिल रहे। अभियान बसेरा-02 में सहरसा, जमुई, बेगूसराय, पटना एवं कैमूर शीर्ष पांच जिलों में शामिल रहे।
माननीय मंत्री ने सभी अपर समाहर्ताओं को राजस्व महाअभियान से जुड़े मामलों का गंभीरता एवं प्राथमिकता के साथ निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही फार्मर रजिस्ट्रेशन के लंबित अप्रूवल मामलों को शून्य करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।
जनशिकायत एवं अतिक्रमण वादों की समीक्षा करते हुए डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि जनता को कार्यालयों के चक्कर लगवाना और मामलों को बेवजह लंबित रखना अब बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हर अधिकारी को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी और काम का परिणाम देना होगा। लापरवाही सामने आने पर विभाग सख्त कार्रवाई करेगा। उन्होंने भूमि अतिक्रमण के मामलों के ऑफलाइन निष्पादन करने वाले अरवल, बांका, बेगूसराय, बक्सर, पूर्वी चंपारण, जहानाबाद, कैमूर, कटिहार, लखीसराय, मुजफ्फरपुर, नवादा, नवादा एवं रोहतास जिले के अंचल अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
बैठक में अपर सचिव डॉ. महेंद्र पाल, संयुक्त सचिव श्री गिरधारी लाल, विशेष कार्य पदाधिकारी श्री मणिभूषण किशोर, विशेष कार्य पदाधिकारी श्रीमती सुधा रानी, विशेष कार्य पदाधिकारी श्री अनुपम प्रकाश, सहायक निदेशक-सह-जनसंपर्क पदाधिकारी सुश्री जूही कुमारी, आईटी मैनेजर श्री आनंद शंकर, प्रशाखा पदाधिकारी श्री राजीव शंकर एवं श्री दीनदयाल राम उपस्थित थे।
you may also like
by david hall
descember 09, 2016
Maecenas accumsan tortor ut velit pharetra mollis.
by david hall
descember 09, 2016
Maecenas accumsan tortor ut velit pharetra mollis.
by david hall
descember 09, 2016
Maecenas accumsan tortor ut velit pharetra mollis.
by david hall
descember 09, 2016
Maecenas accumsan tortor ut velit pharetra mollis.
by david hall
descember 09, 2016
Maecenas accumsan tortor ut velit pharetra mollis.
Advertise