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2,446 अभ्यर्थी हुए आत्मनिर्भर, जीविका के अन्तर्गत मिली नियुक्ति
2,446 अभ्यर्थी हुए आत्मनिर्भर, जीविका के अन्तर्गत मिली नियुक्ति
by
Arun Pandey,
July 21, 2026
in
बिहार
,
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मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने ऊर्जा ऑडिटोरियम में आयोजित समारोह में नवचयनित 2,446 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए।
महिलाओं की आत्मनिर्भरता, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने तथा सामाजिक परिवर्तन की नई चेतना का सशक्त आंदोलन है "जीविका" ।
सभी नवचयनित अभ्यर्थियों से पूरी निष्ठा, समर्पण एवं सेवा भाव के साथ कार्य करते हुए अंतिम पायदान पर खड़े लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का आह्वान।
पिछले 20 वर्षों में जीविका ने बिहार में विकास और महिला सशक्तिकरण की नई क्रांति का सूत्रपात किया है।
जीविका के माध्यम से बिहार की अर्थव्यवस्था में महिलाओं का योगदान लगभग 1 लाख 36 हजार करोड़ रूपये तक पहुंच चुका है।
हर गरीब परिवार को जीविका से जोड़कर रोजगार उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता।
पटना 21 जुलाई ।: मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी आज ऊर्जा ऑडिटोरियम, शास्त्रीनगर में आयोजित बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (जीविका) अंतर्गत विभिन्न पदों पर 2446 नव चयनित अभ्यर्थियों के नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र वितरण समारोह का दीप प्रज्जवलित कर विधिवत शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने नवचयनित 5 अभ्यार्थियों को सांकेतिक रूप से नियुक्ति पत्र प्रदान किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी नवचयनित अभ्यर्थियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह नियुक्ति केवल रोजगार प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े वंचित परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का दायित्व भी है। आप सभी पूरी निष्ठा, ईमानदारी और कमिटमेंट के साथ कार्य करें तथा अंतिम पायदान पर खड़े गरीब तबके को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें। उन्होंने कहा कि जीविका महिलाओं के आत्मसम्मान, आत्मनिर्भरता, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने तथा सामाजिक परिवर्तन की नई चेतना का आंदोलन है। पिछले 20 वर्षों में जीविका ने बिहार में जिस प्रकार विकास और महिला सशक्तिकरण की क्रांति लाई है, वह देश-दुनिया के लिए एक प्रेरणादायी मिसाल है। उन्होंने कहा कि हर गरीब परिवार को जीविका से जोड़कर रोजगार उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वर्तमान में बिहार में 10,49,411 स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से 1 करोड़ 81 लाख से अधिक महिलाएं जीविका से जुड़कर आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बन रही हैं। आज 30 लाख से अधिक लखपति दीदी बिहार में तैयार हुई हैं, जो देश में सर्वाधिक हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की समृद्धि का मार्ग ग्रामीण परिवेश से ही प्रशस्त होगा। जीविका से जुड़ी महिलायें समाज के अंतिम पायदान पर खड़े प्रत्येक गरीब परिवार को विकास की मुख्यधारा से जोड़ें, जब गांव समृद्ध होंगे, महिलाएं आत्मनिर्भर होंगी और गरीब सशक्त होंगे, तभी विकसित भारत एवं समृद्ध बिहार का सपना साकार होगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2006-07 में बिहार की अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी नगण्य थी, जबकि आज जीविका के माध्यम से महिलाओं का आर्थिक योगदान बढ़कर लगभग 1 लाख 36 हजार करोड़ तक पहुंच गया है। यह बिहार में महिलाओं की बढ़ती आर्थिक भागीदारी और आत्मनिर्भरता का सशक्त प्रमाण है। महिलाओं से निरंतर संवाद के आधार पर ही राज्य सरकार ने कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि 400 से बढ़ाकर 1,100 रूपये प्रति माह की गई है। 1 करोड़ 70 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को पिछले एक वर्ष से 125 यूनिट निःशुल्क बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के अंतर्गत 1 करोड़ 81 लाख महिलाओं के खातों में 10,000 रूपये की प्रथम किस्त भेजी जा चुकी है। ये सभी निर्णय महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण की मजबूत नींव वर्ष 2006 में तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार द्वारा रखी गई, जब पंचायती राज संस्थाओं एवं नगर निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण तथा सरकारी नौकरियों में 35 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया। इन ऐतिहासिक निर्णयों ने बिहार की महिलाओं को नेतृत्व, सम्मान और आत्मविश्वास प्रदान किया। प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेन्द्र मोदी जी ने नारीशक्ति वंदन अधिनियम लागू किया जिसके तहत लोकसभा एवं राज्य की विधानसभाओं में महिलाओं के लिये 33 प्रतिशत आरक्षित की गयी हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में विकसित भारत और पूर्व मुख्यमंत्री आदरणीय श्री नीतीश कुमार जी के समृद्ध बिहार के संकल्प को साकार करने में जीविका की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुझे विश्वास है कि आज नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले सभी अभ्यर्थी पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य करते हुए ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण तथा गरीब परिवारों के उत्थान में अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
समारोह को ग्रामीण विकास मंत्री श्री श्रवण कुमार एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव श्री पंकज कुमार ने भी सम्बोधित किया।
मुख्यमंत्री के समक्ष जीविका की उपलब्धियों पर आधारित लघु फिल्म प्रदर्शित की गयी।
कार्यक्रम में ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव श्री पंकज कुमार ने मुख्यमंत्री को हरित गुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर उनका स्वागत किया।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री श्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, ग्रामीण विकास मंत्री श्री श्रवण कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त श्री मिहिर कुमार सिंह, ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव श्री पंकज कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव श्री लोकेश कुमार सिंह, जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी श्री हिमांशु शर्मा सहित अन्य वरीय अधिकारी एवं नवचयनित अभ्यर्थीगण उपस्थित थे।
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