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विक्रमशिला सेतु पर आवागमन जब तक सुचारू नहीं हो जाता, तब तक आमजनों को नाव पर कोई शुल्क नहीं लगेगा :- मुख्यमंत्री
विक्रमशिला सेतु पर आवागमन जब तक सुचारू नहीं हो जाता, तब तक आमजनों को नाव पर कोई शुल्क नहीं लगेगा :- मुख्यमंत्री
by
Arun Pandey,
May 31, 2026
in
बिहार
विक्रमशिला सेतु का पुनर्स्थापन कार्य पूर्ण कर 30 नवंबर से पहले उद्घाटन होगा।
विक्रमशिला सेतु पर आवागमन जब तक सुचारू नहीं हो जाता, तब तक निजी दोपहिया और चारपहिया वाहनों से शुल्क न लें।
श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए श्रावणी मेला-2026 का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से करें पुख्ता तैयारी।
प्रस्तावित भागलपुर गंगा पथ और मुंगेर गंगा पथ से संबंधित जो भी समस्याएं हैं उनका त्वरित समाधान करें।
विक्रमशिला विश्वविद्यालय का इतिहास काफी गौरवशाली रहा है, उसे पुनर्स्थापित करना है।
मुख्यमंत्री ने भागलपुर जिला अंतर्गत 203 करोड़ रुपए की लागत से 84 विकासात्मक योजनाओं का किया उद्घाटन एवं शिलान्यास ।
पटना, 31 मई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आज भागलपुर समाहरणालय परिसर स्थित समीक्षा भवन में विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला-2026 की तैयारी एवं अन्य विकास योजनाओं की समीक्षात्मक बैठक हुई।
बैठक में भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ० श्री नवल किशोर चौधरी, मुंगेर के जिलाधिकारी श्री निखिल धनराज निप्पानिकर एवं बांका के जिलाधिकारी श्री नवदीप शुक्ला ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से मुख्यमंत्री को श्रावणी मेला-2026 में श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध कराई जानेवाली आवश्यक सुविधाओं एवं पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।
प्रस्तुतीकरण में जिलाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष श्रावणी मेला क्षेत्र में नियमित साफ सफाई एवं स्वच्छता, मेला स्टॉल बंदोबस्ती, पेयजल, सड़क चौड़ीकरण एवं मरम्मती कार्य, विद्युत आपूर्ति व्यवस्था, चिकित्सा एवं एंबुलेंस व्यवस्था, खाद्य सामग्री की उपलब्धता एवं दर नियंत्रण, सुरक्षा तथा निगरानी व्यवस्था, आपातकालीन प्रतिक्रिया एवं संचार व्यवस्था, बैरिकेडिंग, आपातकालीन तैयारी, टेंट सिटी/आवासन व्यवस्था, वन सुरक्षा एवं संरक्षण गतिविधियां, यात्री परिवहन व्यवस्था, सूचना एवं प्रसारण कार्य आदि के अलावा नवाचार-2026 के तहत श्रावणी मेला में श्रद्धालुओं / कांवरियों की सुविधा के लिए स्विस कॉटेज व्यवस्था का प्रस्ताव, कृष्णगढ़ चौक से मस्जिद की तरफ जानेवाली पोखर का जीर्णोद्धार एवं सौंदर्गीकरण, नए गेस्ट हाउस की व्यवस्था का प्रस्ताव, म्यूजिकल फाउंटेन का अधिष्ठापन आदि के संबंध में तैयारी की पूरी जानकारी दी।
बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि हर पहलू को ध्यान में रखते हुए समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से श्रावणी मेला-2026 की तैयारी पूर्ण करें। श्रद्धालुओं को बेहतर व्यवस्था एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। श्रावणी मेले के दौरान सम्पूर्ण भारत सहित विदेशों से भी बड़ी तादाद में श्रद्धालु यहाँ पहुँचते हैं, उनकी सुरक्षा हेतु पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करें। श्रावणी मेला क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में चिकित्सकों की तैनाती करें। सुईया, कटोरिया, चानन सहित कांवरिया पथ पर बने धर्मशाला का चेन सिस्टम बनाकर उन्हें पर्यटन नीति से जोड़ें। सभी धर्मशाला को पी०पी०पी० मोड पर ऑर्गेनाइज करें ताकि सालों भर वे फंक्शनल रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुल्तानगंज, तारापुर, बेलहर, सुईया, कटोरिया, चानन आदि प्रमुख जगहों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात करें ताकि जाम की स्थिति से निपटा जा सके। कांवरिया पथ पर बिजली के जर्जर तार को मेला शुरू होने से पहले बदलें। कांवरिया पथ पर श्रद्धालु आसानी से यात्रा कर सके उसको ध्यान में रखते हुए रास्तों को दुरुस्त कराएं। 15 जून तक सभी बंद पड़े चापकालों को चालू कराएं। आपदा की सूचना मिलने पर मेला क्षेत्र और कांवरिया पथों पर माइकिंग की सुविधा सुनिश्चित कराएं ताकि लोग अलर्ट हो सके। कांवरिया पथ एवं मेला क्षेत्र में बननेवाले स्ट्रक्चर को तूफान एवं वज्रपात को ध्यान में रखते हुए बनाएं। फूड क्वालिटी का रैंडम तरीके से जांच हो इसका विशेष रूप से ख्याल रखें। उन्होंने कहा कि कांवर यात्रा वाले सभी मार्गों तथा गंगा घाटों पर शुद्ध पेयजल, स्वच्छ शौचालय, चेंजिंग रूम, पर्याप्त प्रकाश, भीड़ नियंत्रण प्रबंधन, सुरक्षित एवं सुचारु आवागमन को ध्यान में रखते हुए तैयारी पूर्ण करें। श्रद्धालुओं की मूलभूत जरूरतों को ध्यान में रखते हुए हर दृष्टिकोण से तैयारी रखें।
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री को जिलाधिकारी भागलपुर ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से मुंगेर (साफियाबाद) - सुल्तानगंज-सबौर चार लेन गंगा पथ के निर्माण कार्य की प्रगति से संबंधित विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रस्तावित भागलपुर गंगा पथ और मुंगेर गंगा पथ से संबंधित जो भी समस्याएं हैं उनका त्वरित समाधान करें। यह डॉल्फिन का इलाका है, उसको ध्यान में रखते हुए निर्णय लें। एलिवेटेड पथ बनने से इस इलाके में होनेवाली जलजमाव की समस्या से भी लोगों को निजात मिलेगी।
बैठक में मुख्यमंत्री ने विक्रमशिला विश्वविद्यालय की पुनर्स्थापना से संबंधित समीक्षा की। जिलाधिकारी भागलपुर ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विक्रमशिला विश्वविद्यालय के पुनर्स्थापना हेतु अधिग्रहित की जानेवाली भूमि एवं अन्य महत्वपूर्ण विषयों के संबंध में जानकारी दी। जिलाधिकारी ने भूमि अधिग्रहण की स्थिति, अधियाचना एवं भुगतान की स्थिति और अस्थाई संचालन की व्यवस्था हेतु चिन्हित स्थान बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर और अस्थाई संचालन हेतु आधारभूत संरचना की व्यवस्था के संबंध में बताया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जमीन अधिग्रहण के काम में तेजी लाएं। 15 जून के पहले भारत सरकार को इस संबंध में पत्र भेजकर संसूचित करें। विक्रमशिला विश्वविद्यालय का इतिहास काफी गौरवशाली रहा है, उसे पुनर्स्थापित करना है।
मुख्यमंत्री ने भागलपुर जिला अंतर्गत विक्रमशिला सेतु के पुनर्स्थापन एवं मरम्मती कार्य की भी समीक्षा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि विक्रमशिला सेतु पर आवागमन जब तक सुचारू नहीं हो जाता, तब तक निजी दोपहिया और चारपहिया वाहनों से शुल्क न लें। विक्रमशिला सेतु के पुनर्स्थापना कार्य में तेजी लाकर 30 नवंबर तक हर हाल में वाहनों का परिचालन विक्रमशिला सेतु पर शुरू कराएं।
समीक्षा बैठक में स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी अपनी बातें रखी। बैठक में भागलपुर के जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री को पुष्प गुच्छ एवं प्रतीक चिह्न भेंटकर उनका स्वागत किया। विक्रमशिला सेतु पर यातायात परिचालन से संबंधित पत्रकारों के प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 30 नवंबर तक हर हाल में विक्रमशिला सेतु पर वाहनों का परिचालन सुनिश्चित हो जाएगा। क्षतिग्रस्त हिस्से का पुनर्स्थापन कार्य तेजी से किया जा रहा है। विक्रमशिला सेतु का निर्माण एजेंसी से पुनः अध्ययन कराया जाएगा ताकि सुपर स्ट्रक्चर विकसित किया जा सके। उन्होंने कहा कि जब तक विक्रमशिला सेतु पर आवागमन सुचारू नहीं होता है तब तक निजी दोपहिया और चार पहिया वाहनों से पार्किंग शुल्क की वसूली पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक से पूर्व समाहरणालय परिसर में भागलपुर जिलान्तर्गत 203 करोड़ रुपए की लागत से 84 विकासात्मक योजनाओं का रिमोट के माध्यम से शिलापट्ट अनावरण कर उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। इनमें 69 योजनाओं का उद्घाटन तथा 15 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।
मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने समीक्षा बैठक से पूर्व भागलपुर जिलान्तर्गत विक्रमशिला सेतु के पुनर्स्थापन एवं मरम्मती कार्य का स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त भाग की मरम्मती एवं पुनर्स्थापन कार्य कराएं।
बैठक में पथ निर्माण मंत्री श्री कुमार शैलेंद्र, सांसद श्री अजय कुमार मंडल, सांसद श्री गिरधारी यादव, विधायक श्री मिथुन कुमार, विधायक श्री ललित नारायण मंडल, विधायक श्री शुभानंद मुकेश, विधायक श्री रोहित पाण्डेय, विधायक श्री मुरारी पासवान, विधान पार्षद श्री विजय कुमार सिंह, विधान पार्षद डॉ० एन०के० यादव, विधान पार्षद डॉ० संजीव कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक श्री विनय कुमार, नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव श्री विनय कुमार, पथ निर्माण विभाग के सचिव श्री पंकज कुमार पाल, मुख्यमंत्री के सचिव श्री लोकेश कुमार सिंह, गृह विभाग के सचिव श्री कुंदन कुमार, स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री कुमार रवि, भागलपुर प्रमंडल के आयुक्त श्री प्रेम सिंह मीणा, भागलपुर प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक श्री विवेक कुमार, मुंगेर प्रक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक श्री राकेश कुमार, भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ० नवल किशोर चौधरी, मुंगेर के जिलाधिकारी श्री निखिल धनराज निप्पानिकर, बांका के जिलाधिकारी श्री नवदीप शुक्ला, भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक श्री प्रमोद कुमार यादव, मुंगेर के पुलिस अधीक्षक श्री सैयद इमरान मसूद, बांका के पुलिस अधीक्षक श्री उपेन्द्रनाथ वर्मा, नवगछिया के पुलिस अधीक्षक श्री राजेश कुमार सहित अन्य जन प्रतिनिधिगण एवं वरीय अधिकारी उपस्थित थे, जबकि पटना से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी संबंधित विभागों के वरीय अधिकारी जुड़े हुए थे।
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