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राजस्व कर्मियों और अमीनों के लिए बनेगी डिजिटल डायरी, रोजाना कार्य की होगी निगरानी
राजस्व कर्मियों और अमीनों के लिए बनेगी डिजिटल डायरी, रोजाना कार्य की होगी निगरानी
by
Arun Pandey,
March 08, 2026
in
बिहार
प्रधान सचिव सी.के. अनिल की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक,
परिमार्जन और ई-मापी के मामलों में तेजी लाने का निर्देश
राजस्व कर्मियों और अमीनों के लिए बनेगी डिजिटल डायरी, रोजाना कार्य की होगी निगरानी
पटना,08 मार्च : राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव श्री सी.के. अनिल की अध्यक्षता में रविवार को स्थानीय अधिवेशन भवन में सभी अंचलाधिकारियों की उपस्थिति में महत्वपूर्ण विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में भू-लगान वसूली, दाखिल-खारिज, परिमार्जन प्लस तथा ई-मापी से संबंधित लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
प्रधान सचिव श्री अनिल ने स्पष्ट कहा कि भू-लगान वसूली सरकार की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल है और इसका निर्धारित लक्ष्य हर हाल में पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लगान वसूली में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। इस दौरान उन्होंने लगान वसूली में अच्छा करने वाले अंचलाधिकारियों की तारीफ भी की। उन्होंने इसके साथ ही दाखिल-खारिज के लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर तेजी से निष्पादित करने, परिमार्जन के मामलों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने और ई-मापी की प्रक्रिया को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया।
उन्होंने कहा कि बेहतर कार्य निष्पादन के लिए सकारात्मक और सुविधाजनक कार्य वातावरण आवश्यक है। इसी उद्देश्य से अंचल कार्यालयों के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं के मद में राशि उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने सभी अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया कि उपलब्ध कराई गई राशि का उपयोग कार्यालयी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में अवश्य करें, ताकि कर्मचारियों को बेहतर वातावरण में काम करने का अवसर मिल सके और आम लोगों के कार्य समय पर हो सकें।
बैठक में सचिव श्री जय सिंह ने कहा कि राजस्व प्रशासन को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए डिजिटल डायरी की व्यवस्था लागू की जा रही है। यह डायरी राजस्व कर्मचारियों और अमीनों दोनों के लिए होगी, जिसमें उनके द्वारा प्रतिदिन किए जाने वाले कार्यों का पूरा विवरण दर्ज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अंचलाधिकारी की जिम्मेदारी होगी कि वे प्रतिदिन इन डायरियों का अवलोकन करें, ताकि कार्यों की नियमित निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
सचिव श्री गोपाल मीणा ने बैठक में कहा कि जनशिकायत पोर्टल पर प्राप्त होने वाली शिकायतों का त्वरित और प्रभावी समाधान किया जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन शिकायतों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समय सीमा के भीतर निष्पादित किया जाए। इसके साथ ही माननीय उपमुख्यमंत्री के जनसंवाद कार्यक्रम से संबंधित शिकायतों का भी गंभीरता से संज्ञान लेते हुए शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि सोमवार, शुक्रवार और शनिवार को प्राप्त होने वाली शिकायतों पर विशेष रूप से प्राथमिकता देकर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि यदि शिकायतों का समय पर समाधान किया जाएगा तो अनावश्यक विवाद और असंतोष की स्थिति कम होगी तथा अधिकारियों और कर्मचारियों को बेहतर वातावरण में कार्य करने का अवसर मिलेगा।
बैठक की शुरुआत विभागीय प्रस्तुतीकरण के साथ हुई। इस दौरान भू-लगान वसूली के लक्ष्य के आधार पर राज्य के शीर्ष 50 अंचलों और सबसे कम प्रदर्शन करने वाले 50 अंचलों की वर्तमान स्थिति को आंकड़ों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। इसके अतिरिक्त दाखिल-खारिज, परिमार्जन प्लस और ई-मापी के मामलों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले शीर्ष 50 अंचलों तथा कमजोर प्रदर्शन करने वाले 50 अंचलों की स्थिति भी विस्तृत डाटा के साथ अधिकारियों के समक्ष रखी गई।
प्रस्तुतीकरण के माध्यम से अधिकारियों को अपने-अपने अंचलों की स्थिति से अवगत कराया गया और बेहतर प्रदर्शन करने वाले अंचलों से सीख लेकर कार्यों में सुधार लाने की आवश्यकता पर बल दिया गया। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि राजस्व से संबंधित सभी कार्यों को समयबद्ध, पारदर्शी और जवाबदेह तरीके से संपन्न करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है, ताकि आम लोगों को त्वरित और बेहतर सेवा मिल सके।
इस दौरान भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय के निदेशक श्री सुहर्ष भगत, अपर सचिव श्री आजीव वत्सराज, उप निदेशक श्रीमती मोना झा, विशेष कार्य पदाधिकारी श्री मणिभूषण किशोर, श्रीमती सुधा रानी, श्रीमती सोनी कुमारी, उप सचिव श्री संजय कुमार सिंह, श्री सुनील कुमार सिंह, सहायक निदेशक सह जिला जनसंपर्क पदाधिकारी सुश्री जूही कुमारी, आईटी मैनेजर श्री आनंद शंकर समेत मुख्यालय के कई अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे। बैठक में राज्य के सभी 537 अंचलों के अंचलाधिकारी उपस्थित थे। मालूम हो कि उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि राजस्व से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भू-लगान वसूली, दाखिल-खारिज, परिमार्जन और ई-मापी जैसे कार्य सीधे आम जनता से जुड़े हैं, इसलिए इनका समयबद्ध और पारदर्शी निष्पादन हर हाल में सुनिश्चित करना होगा।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार की मंशा है कि आम लोगों को अंचल कार्यालयों में बिना भटकाव के समय पर सेवा मिले। जो अधिकारी या कर्मचारी जनता के काम में अनावश्यक देरी करेंगे या लापरवाही बरतेंगे, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं बेहतर काम करने वालों को हर स्तर पर प्रोत्साहित भी किया जाएगा।
राजस्व कार्यों में ढिलाई बर्दाश्त नहीं, लगान वसूली से लेकर दाखिल-खारिज तक समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करें
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