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5 वर्षों में बदल जायेगी तस्वीर, अब बिहार के हर प्रखंड में छात्रावास
5 वर्षों में बदल जायेगी तस्वीर, अब बिहार के हर प्रखंड में छात्रावास
वर्तमान में 139 छात्रावास हैं संचालित, 18 जिलों में 100 बेड वाले सावित्री बाई फुले छात्रावास के लिए भूमि आवंटित
by
Arun Pandey,
January 30, 2026
in
बिहार
पटना, 30 जनवरी।
राज्य के सभी प्रखंडो में एससी-एसटी वर्ग के छात्रों लिए छात्रावास खोले जाएंगे। आगामी 5 वर्षों में राज्य के सभी 534 प्रखंडो में इनका निर्माण करा लिया जाएगा। वर्तमान में राज्यभर में 139 छात्रावास संचालित हैं और 60 नए छात्रावासों की स्वीकृति दी जा चुकी है। इनमें कुछ जगहों पर निर्माण कार्य जारी है। ये बातें शुक्रवार को अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन ने सूचना भवन के संवाद कक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता में बताई।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में 91 आवासीय विद्यालय संचालित है। जहां आवासित छात्र छात्राओं को आवासन एवं पठन-पाठन की उच्च स्तरीय सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध कराई जाती है। इन आवासीय विद्यालयों के छात्र छात्राओं ने नीट, जेईई एवं अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में सफलता अर्जित की है। 91 आवासीय विद्यालयों के अतिरिक्त 28 अन्य नए विद्यालयों की स्वीकृति दी गई है। साथ ही प्रत्येक जिले में 100 बेड वाली सावित्री बाई फुले छात्रावास खोलने की भी योजना है। इसके लिए 18 जिलों में भूमि आवंटित की जा चुकी है।
मंत्री ने आगे बताया कि इन छात्रावासों में प्रतेक छात्र-छात्राओं को 15 किलो ग्राम अनाज (9 किग्रा चावल/6 किग्रा गेंहू) मुफ्त दिया जाता है। साथ ही, बच्चों को मुख्यमंत्री छात्रावास अनुदान योजना के तहत 1 हजार रुपये प्रतिमाह डीबीटी के माध्यम से खाते में भेजा जाता है। इन छात्रावासों में शिक्षा पर विशेष ध्यान देते हुए डिजिटल लाइब्रेरी समेत अन्य शैक्षणिक सुविधाएं मौजूद है।
वर्ष 2025-26 में मुख्यमंत्री मेधावृति योजना का लाभ 1 लाख 53 हजार 506 छात्र-छात्राओं को लाभ दिया गया है। एससी-एसटी छात्रों के लिए विभाग सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना चला रही है। एससी-एसटी समुदाय के लोगो को अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत वर्ष 2025-26 में 127.50 करोड़ रुपये की अनुदान राशि दी गई है। इसके तहत हत्या के मामले में पीडित के आश्रित को सरकारी नौकरी देने का प्रावधान है। इसमें अबतक कुल 107 मामलों में आश्रितों को नौकरी दी गई है, जबकि 1477 आश्रितों को पेंशन का भुगतान किया जा रहा है।
बिहार महादलित विकास मिशन इन समुदाय के लोगो के लिए विशेष रूप से कार्य कर रहा है। इसके लिए प्रत्येक पंचायत में 9 हजार 718 विकास मित्र तैनात किये गए है। एससी-एसटी टोलो में अबतक 4 हजार 808 सामुदायिक भवन-सह-वर्कशेड का निर्माण किया गया है। थरुहट क्षेत्र के विकास के लिए विभाग के स्तर से समेकित थरुहट विकास अधिकरण का गठन किया गया है। जहां अबतक 357 योजनाएं ली गई हैं, जिनमें 279 योजना पूर्ण कर ली गई है तथा 78 पर कार्य चल रहा है।
उन्होंने बताया कि प्री-मैट्रिक छात्रवृति योजना के तहत वर्ग 1 से लेकर 10 तक के छात्रों की छात्रवृति दोगुनी कर दी गई है। वहीं, पोस्ट मैट्रिक छात्रवृति योजना के तहत आईटीआई के लिए 75 सौ रुपये, डिप्लोमा/पॉलिटेक्निक एवं अन्य समकक्ष कोर्स के लिए 15 हजार रुपये, व्यावसायिक तकनीकी शिक्षण कोर्स के लिए 25 हजार रुपये बढाई गई है।
विभाग के सचिव संदीप आर पुडकलकट्टी ने बताया कि 2011 की जनगणना के अनुसार एससी-एसटी समुदाय की आबादी 17.19 प्रतिशत दर्ज की गई, जो 2022 की जनगणना के अनुसार 23.01 प्रतिशत हो चुकी है। विभाग इनके उत्थान के लिए कई तरह के योजनाएं चला रही हैं, जिससे इनके विकास को गति मिल सके।
इस मौके पर प्रियंका रानी, निदेशक, गौतम पासवान, अपर सचिव, दीवान जाफर हुसैन खां, विशेष कार्य पदाधिकारी, विनोद कुमार पंकज, आप्त सचिव समेत अन्य मौजूद रहे।
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