अरुण कुमार पाण्डेय

पटना,08 अप्रैल। सरकार नियत समय पर चुनाव के लिए पूरी तरह सचेष्ट,पहली बार इवीएम से चुनाव के लिए 125 करोड़ रुपए खर्च की मिली है स्वीकृति : मंत्री

बिहार में एक ओर पंचायत चुनाव को लेकर प्रशासनिक तैयारी तेज है वहीं ईवीएम को लेकर हाईकोर्ट पर टिका है चुनाव कार्यक्रम का भविष्य,शुक्रवार को होगी सुनवाई

पंचायतीराज मंत्री सम्राट चौधरी ने माना है कि 15 जून के पहले चुनाव नहीं होने पर प्रशासक के जिम्मे होंगे त्रिस्तरीय पंचायत निकाय,पांच वर्षों की कार्यविधि पूरी होने पर कोई दूसरा विकल्प नहीं

15 जुलाई तक पंचायतों का चुनाव नहीं होने की स्थिति में अक्टूबर-नवंबर तक टल सकता है चुनाव

लगभग 1000 मुखिया को पदच्युत किये जाने की संचिका पंचायतीराज विभाग में विचाराधीन

केंद्रीय चुनाव आयोग की शर्त मानने पर इवीएम को लेकर 500 करोड़ करने होंगे खर्च, राजस्थान और एमपी की तरह बिहार को भी मिले इवीएम इस्तेमाल की स्वीकृति

बिडम्बना: में 1991 की जनगणना पर बने हैं पंचायत, 2011 की जनगणना के आधार पर लागू है आरक्षण और 2021 की मतदाताओं सूची के आधार पर होंगे

2021 की जनगणना पूरी होने पर वर्तमान मानक के आधार पर दूनी हो जायेगी पंचायतों की संख्या,अभी 8379 पंचायत, चुनाव की घोषणा के पहले करीब 300 पंचायत कम होंगे।राज्य सरकार ने हाल ही में 111 नए नगर निकायों के गठन की मंजूरी दी है। इसके कारण पंचायतों की संख्या घटी है।

पंचायत चुनाव में आरक्षण का आधार वर्ष 2011 की जनगणना को बनाया गया है। सरकार ने निर्णय लिया गया है कि ग्राम पंचायत आम चुनाव 2021 में पंचायती राज संस्थाओं के आरक्षण में कोई भी बदलाव नहीं किया जायेगा.
 
पिछले चुनाव की तरह आरक्षित पद के अनुसार इस बार के भी पंचायत चुनाव में पिछड़े वर्ग की 127 जातियों को आरक्षण का लाभ मिलेगा. पंचायत चुनाव में इन जाति के प्रत्याशियों को नामांकन पत्र के साथ जाति प्रमाण पत्र सौंपना होगा. जाति प्रमाण पत्र सही नहीं पाये जाने पर उनका नामांकन पत्र रद्द होगा और गलत जाति प्रमाण पत्र देने पर उनकी सदस्यता चली जायेगी.

पंचायत चुनाव में सभी स्तर के पदों -वार्ड सदस्य, मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, जिला पर्षद सदस्य, ग्राम कचहरी के पंच और ग्राम कचहरी के सरपंच में आरक्षण का प्रावधान किया गया है. इन सभी स्तर के पदों पर अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और पिछड़े वर्ग (एनेक्सचर-एक) में शामिल जातियों को आरक्षण का लाभ दिया गया है.

सभी स्तर के आरक्षित पदों में आधी सीटें उसी वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षित कर दी गयी हैं. चाहे वह सामान्य वर्ग की सीटें हों या अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या पिछड़ा वर्ग की सीटें हों.

राज्य निर्वाचन आयोग ने आज पंचायत की तैयारी को लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सभी जिलों के डीएम, एसडीओ और बीडीओ के साथ मीटिंग की । इसमें चुनावी तैयारियों की समीक्षा के साथ माईक्रो लेवल ईवीएम मूवमेंट से जुड़ी प्लानिंग पर रिपोर्ट ली। मीटिंग में अधिकारियों की मांग पर आयोग ने खर्च का ब्यौरा जिलों से अपलोड किए जाने की डेडलाइन आगे बढ़ा दी है। इस तरह अब अगले हफ्ते तक 2016 चुनाव के सभी अभ्यर्थियों के खर्च का ब्यौरा आयोग की बेबसाइट पर उपलब्ध होगा। वैसे अभ्यर्थी, जिन्होंने खर्च का ब्यौरा नहीं दिया है, उन्हें चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित करने की बात आयोग पहले ही कर चुका है।

राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिलों के डीएम को आरक्षण रोस्टर सार्वजनिक करने का आदेश दे दिया है। 48 घंटे के अंदर वार्ड से लेकर जिला परिषद तक नियमावली के अनुसार आरक्षित सीट की सूची सार्वजनिक करना है।

राज्य निर्वाचन आयोग विधानसभा चुनाव की तरह ही इस बार के पंचायत चुनाव में बूथों पर सीसीटीवी कैमरा लगाकर, बेबकास्टिंग के जरिए पंचायत चुनाव पर नजर रखने की योजना बना रहा है। आयोग ने सभी जिलों के डीएम से ऐसे बूथों की लिस्ट मांगी है, जहां इंटरनेट सही तरीके से काम नहीं करता है। प्रमंडलबार विभिन्न चरणों में चुनाव होने हैं।

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