नई दिल्ली,12 जनवरी। तीन नये कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग पर अड़े किसानों के लिए आज का दिन अहम साबित हुआ है. राजधानी दिल्ली में जारी किसान आंदोलन पिछले 46 दिनों से लगातार जारी है। कृषि कानूनों से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई कर सुप्रीम कोर्ट ने आज तीनों नये कृषि कानून के अमल पर रोक लगा दी है।

चीफ जस्टिस ने सुनवाई के दौरान सरकार को इस मामले पर फटकार लगायी थी और कहा था कि आप सही तरीके से इस आंदोलन को हैंडल नहीं कर पाए.

कमेटी में यो लोग होंगे शामिल
सुप्रीम कोर्ट ने बातचीत के लिए एक कमेटी बनाई है. इस कमेटी में कुल चार लोग शामिल हैं. जानकारी के मुताबिक कमेटी में भारतीय किसान यूनियन के भूपेन्द्र सिंह मान, डॉ. प्रमोद कुमार जोशी, अशोक गुलाटी (कृषि विशेषज्ञ) और अनिल धनवंत शामिल हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस के उस आवेदन पर नोटिस जारी किया जिसमें गणतंत्र दिवस पर किसानों के विरोध में प्रस्तावित ट्रैक्टर रैली को रोकने की मांग की गई थी.

किसान अनिश्चित काल तक दे सकते है धरना-CJI
चीफ जस्टिस ने कहा कि कानून पर हम एक समिति बना रहे हैं ताकि हमारे पास एक स्पष्ट तस्वीर हो. हम यह तर्क नहीं सुनना चाहते कि किसान समिति में नहीं जाएंगे। हम समस्या को हल करने के लिए देख रहे हैं. यदि आप (किसान) अनिश्चित काल के लिए आंदोलन करना चाहते हैं, तो आप ऐसा कर सकते हैं.


सुप्रीम कोर्ट में शुरू हुई सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने संसद द्वारा पारित तीन कृषि कानूनों को चुनौती देने और दिल्ली की सीमाओं से किसानों को हटाने की कई याचिकाओं पर सुनवाई शुरू की.

भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा है कि हम सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद एक कोर कमेटी की बैठक करेंगे. इसके बाद, हम अपनी कानूनी टीम के साथ इस पर चर्चा करेंगे और तय करेंगे कि क्या करना है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here