एसडीओ व एसडीपीओ ने नदी स्थल जांच
पुरातत्व विभाग पटना को जांच के लिए दी गई जानकारी,ग्रामीणों में कौतूहल

संजय सिंह की रिपोर्ट

बांका; 21 नवम्बर । दानवीर कर्ण की चिता भूमि के नाम से प्रसिद्ध बाँका जिले के अमरपुर क्षेत्र स्थित देवनगरी जैठौर के भदरिया के चांदन नदी के बीच करीब 2 हजार साल पुराने कुषाण कालीन  भवनों के अवशेष शनिवार छठ के दिन मिलने से नदी में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना अमरपुर के बीडीओ व थाना इंचार्ज को दी। मौके पर नदी पहुंच कर इन अधिकारियों ने जिला प्रशासन को जानकारी दी।

डीएम के आदेश पर एसडीओ मनोज चौधरी व एसडीपीओ दिनेश चंद्र श्रीवास्तव ने भदरिया चांदन नदी पहुंच कर नदी में मिले प्राचीन अवशेषों का अवलोकन कर तुरंत इसकी जानकारी वरीय अधिकारियों को दी। जिले के आला अधिकारियों ने नदी में बालू उत्खनन के दौरान मिले प्राचीन अवशेषों की जानकारी पुरातत्व विभाग को देते हुए स्थल जांच करने का अनुरोध किया है।


मालूम हो कि अमरपुर के जैठोर मंदिर जो चांदन नदी के बिल्कुल किनारे अवस्थित है । नदी में ही दानवीर कर्ण की चिता भूमि है। जैठौर के पास ही भदरिया गाँव है जो नदी किनारे बसा है। भदरिया के चानन नदी से प्रतिदिन सैकड़ों ट्रक बालू उत्खनन का कार्य होता है। बालू उत्खनन कर बालू उठाव के दौरान शनिवार को नदी के बीचोबीच करीब दो हजार वर्ष पुराने भवनों के अवशेष मिले है चानन नदी के बीचोबीच पुराने भवनों का अवशेष मिलने से ग्रामीणों में हर्ष का माहौल है।

ग्रामीण का हुजूम उत्सुकता बस चानन नदी के तट पर पहुंचकर पुराने अवशेषों को देखने में जुट गये। देखते ही देखते यह सूचना आग की तरह पूरे क्षेत्र में फैल गयी। हजारों की संख्या में ग्रामीणों की भीड़ चानन नदी तट पर उमड़ गयी। वहीं सूचना मिलने पर अमरपुर थानाध्यक्ष अरविंद कुमार राय ,सीओ सुनील कुमार कुमार साह ,बीडीओ राकेश कुमार ने चानन नदी तट पर पहुँचकर स्थिति का मुआयना करते हुए मामले की जानकारी बांका जिला के वरीय पदाधिकारियों को दी।

बांका एस डी ओ मनोज चौधरी ने बताया प्रथम दृष्टि में पुराने अवशेष को देखने से पता चलता है कि यह अवशेष करीब दो हजार साल पुराना भवन का बना हुआ लगता है लेकिन अभी साफ तौर पर कुछ भी नही कहा जा नही सकता है,फिलवक्त मामले की जानकारी पटना स्थित पुरातत्व विभाग को दे दी गयी है। पुरातत्व विभाग की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो जायेगी । भदरिया गांव के चानन नदी तट पर मिले पुराने भवनों के अवशेष के संबंध में भादरिया गांव के बुद्धिजीवी एवं प्रबुद्ध ग्रामीणों ने बताया कि भादरिया गांव में पूर्व में भी कई प्राचीन अवशेषे मिले है जिससे साफ जाहिर होता है कि महात्मा बुद्ध का भादरिया गांव से काफी लगाव था।उनकी परम भक्त विशाखा इसी गांव की रहने वाली थी फ़िलवक्त ग्रामीणों की निगाहें पुरातत्व विभाग पर टिकी हुई है ।

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