घोटाले के आरोपी मंत्री मेवालाल चौधरी को मुख्यमंत्री ने बुधवार को देर शाम तलब किया । करीब आधे घंटे तक मुख्यमंत्री की चौधरी से बात हुई है।मेवालाल चौधरी केस भागलपुर ADG 1 के पास विचाराधीन है और फिलहाल चार्जशीट का इंतजार किया जा रहा है। राज्यपाल के आदेश पर आरोपों की जांच के बाद निगरानी ने केस दर्ज किया था।

जदयू कोटे से डॉ. मेवालाल चौधरी पर कुलपति रहते भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर पूर्व में पार्टी से निलंबन हुई .सुशील मोदी ने भी कार्रवाई की मांग की थी

पटना,18 नवम्बर। बिहार के शिक्षा मंत्री मेवालाल चौधरी  पर भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर विपक्ष ने नीतीश कुमार पर हमला बोल दिया है ।विपक्ष ने बर्खास्तग करो वर्ना आंदोलन करने की चेतावनी दी।  आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने सवाल किया कि असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति में आरोपी चौधरी को शिक्षा मंत्री बनाकर क्या भ्रष्टाचार करने का ईनाम एवं लूटने की खुली छूट प्रदान की है? तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर आरोप लगाया, ‘‘ भ्रष्टाचार के अनेक मामलों में भगौड़े आरोपी को शिक्षा मंत्री बना दिया.”

तेजस्वी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘ कुर्सी की खातिर अपराध, भ्रष्टाचार और साम्प्रदायिकता पर मुख्यमंत्री जी प्रवचन जारी रखेंगे.” राजद नेता ने सवाल किया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति और भवन निर्माण में भ्रष्टाचार के गंभीर मामलों में भारतीय दंड संहित की धारा 409,420,467, 468,471 और 120ब के तहत आरोपी मेवालाल चौधरी को शिक्षा मंत्री बनाकर क्या भ्रष्टाचार करने का ईनाम एवं लूटने की खुली छूट प्रदान की है?

राजद ने आधिकारिक ट्वीट में आरोप लगाया कि तेजस्वी जी पर फर्जी केस करवा कर इस्तीफा मांग रहे थे और यहां खुद एक भ्रष्टाचारी मेवालाल को मंत्री बना रहे है.

जदयू कोटे से शिक्षा मंत्री बने डॉ. मेवालाल चौधरी ने तारापुर विधानसभा सीट से जीत दर्ज की है. पहली बार मंत्री बने हैं। राजनीति में आने से पहले मेवालाल भागलपुर कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति थे. वे कुशवाहा जाति के हैं।

कुलपति रहते असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति में अनियमितता के आरोपों और एफआईआर दर्ज किये जाने के मद्देनजर चौधरी 2017 में नीतीश कुमार ने जदयू से निलंबित कर दिया गया था. यह मामला साल 2012 में असिस्टेंट प्रोफेसर और कनिष्ठ वैज्ञानिकों की नियुक्ति में कथित अनियमितता से संबंधित है.

भाजपा जो उस समय विपक्ष में थी सुशील मोदी ने भी तब मेवालाल चौधरी के खिलाफ मुद्दे को उठाया था.

राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद ने ट्वीट किया कि तेजस्वी जहां पहली कैबिनेट में पहली कलम से 10 लाख नौकरियां देने को प्रतिबद्ध था, वहीं नीतीश ने पहली कैबिनेट में नियुक्ति घोटाला करने वाले मेवालाल को मंत्री बना अपनी प्राथमिकता बता दी. उन्होंने कहा, ‘‘विडंबना देखिए जो भाजपाई कल तक मेवालाल को खोज रहे थे, आज मेवा मिलने पर मौन धारण किए हैं.”

भाकपा-माले के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने भ्रष्टाचार के आरोपी मंत्री को बर्खास्त नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है ।प्रदेश सचिव कुणाल ने कहा कि विधानसभा सत्र के पहले दिन उनकी पार्टी के विधायक विरोध दर्ज करायेंगे. भाकपा-माले के विधानसभा में 12 विधायक हैं. उन्होंने कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि नीतीश कुमार चौधरी को बर्खास्त करें.” कुणाल ने कहा कि शिक्षा मंत्री के रूप में चौधरी की नियुक्ति बिहार के लोगों का अपमान है.

कांग्रेस के विधान पार्षद प्रेमचंद्र मिश्रा ने कहा कि मेवालाल चौधरी जैसे व्यक्ति को शिक्षामंत्री बनाकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी ही छवि धूमिल की है.

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