राजद के उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने कहा था : कांग्रेस जिस तरह से चुनाव लड़ रही , उससे बीजेपी को ही फायदा पहुंचा है। उन्होंने 70 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ा था लेकिन 70 रैलियां भी नहीं की। चुनाव प्रचार के समय राहुल गांधी शिमला में बहन प्रियंका के घर पिकनिक मनाने रहे थे।

शिवानंद तिवारी के बयान के बाद कांग्रेस की तरफ से राजद पर पलटवार करते हुए गठबंधन धर्म की नसीहत दी गई है। कांग्रेस नेता प्रेम चंद्र मिश्रा ने कहा कि राजद शिवानंद तिवारी पर लगाम लगाये। तेजस्वी यादव, कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी को लेकर गिरिराज सिंह और शाहनवाज हुसैन जैसी भाषा राजद नेता का बोलना हमें स्वीकार नहीं है। उन्होंने कहा कि गठबंधन का धर्म होता है, जिसे सभी पक्षों को पालन करना चाहिए।

राजद के प्रवक्ता मनोज झा ने शिवानंद तिवारी के बयान को उनका निजी बयान कहकर खारिज कर दिया।
पटना,16 नवम्बर। राजद में कांग्रेस पर सिरफुटौअलशुरु हो गया है। राजद के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने रविवार को राहुल गांधी और कांग्रेस पर बिहार चुनाव में हार का ठीकरा फोड़ा था। उन्होंने हार के लिए सीधे-सीधे कांग्रेस और राहुल गांधी को जिम्मेदार ठहराया था।

पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवानंद की तरफ से इस तरह के बयान के बाद राजद-कांग्रेस के रिश्ते में कड़वाहट शुरू हो गई थी। इसके बाद राजद के राज्यसभा सांसद और मुख्य प्रवक्ता मनोज झा ने शिवानंद तिवारी के बयान को ही खारिज कर दिया। इसके पहले माले महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने भी महागठबंधन को बहुमत का जादुई आंकड़ा से पीछे रहने को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा था कांग्रेस के वरिने तालमेल तारिक़ अनवर ने पार्टी के बेहतर प्रदर्शन नहीं होने पर प्रदेश नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराया था।

तिवारी के बयान को मनोज झा ने किया खारिज

राजद सांसद मनोज झा ने कहा कि शिवानंद तिवारी का बयना उनका निजी बयान है। उनके बयान को पार्टी का आधिकारिक बयान नहीं माना जा सकता है। जिस तरह से दूसरे दल के नेता बयान देते हैं उसी तरह से शिवानंद तिवारी का भी भी बयान पूरी तौर उनका निजी बयान था.उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान राजद-कांग्रेस में कहीं कोई कमी नहीं थी। अगर कुछ कमी रही भी तो उसकी समीक्षा होगी तभी कुछ कहा जा सकता है।

क्या कहा था शिवानंद तिवारी ने?

शिवानंद तिवारी ने कहा था, ”कांग्रेस जिस तरह से चुनाव लड़ रही है, उससे बीजेपी को ही फायदा पहुंचा रही है। उन्होंने 70 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ा था लेकिन 70 रैलियां भी नहीं की।चुनाव प्रचार के समय राहुल गांधी  शिमला में  बहन प्रियंका के घर पिकनिक मनाने रहे थे। जो लोग बिहार को जानते नहीं थे, उनके हाथ में प्रचार की कमान थी। राहुल गांधी तीन दिन के लिए आए जबकि प्रियंका गांधी तो आईं भी नहीं।”

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