बदलाव पत्र में किया ऐलान:कांग्रेस सत्‍ता में आई तो शराबबंदी कानून की करेगी समीक्षा,
महागठबंधन सरकार में कांग्रेसी उत्पाद एवं मद्य निषेध मंत्री अब्दुल खलील मस्तान ने 100 साल पुराने कानून की जगह 2016 में नया कानून लाया था

पटना,21 अक्तूबर। कांग्रेस ने सरकार में आने पर बिहार के शराबबंदी कानून की समीक्षा का ऐलान किया है। राजद और वाम दलों के साथ गठबंधन कर 70 विधानसभा सीटों की दावेदार कांग्रेस बुधवार को जारी अपने घोषणा पत्र (बदलाव पत्र-2020) में यह ऐलान किया।

पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने चुनावी घोषणा पत्र (बदलाव पत्र) जारी करते हुए कहा कि बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद सरकारी मिलीभगत से शराब बिक रही है।

उन्‍होंने सरकार पर शराब माफिया को संरक्षण देने का आरोप लगाया। सुरजेवाला ने कहा कि एक अप्रैल 2016 से लेकर 31 अगस्त 2020 तक तीन लाख से अधिक लोग इस कानून के तहत गिरफ्तार हो चुके हैं। बिहार में कांग्रेस की सरकार बनी तो इस कानून की समीक्षा की जाएगी। निर्दोष लोगों को जेल से बाहर किया जाएगा।

समीक्षा की बात कर भाजपा-जद यू के निशाने पर आई कांग्रेस
घोषणा पत्र में शराबबंदी कानून की समीक्षा की बात कर कांग्रेस भाजपा और जनता दल यू के निशाने पर आ गई है। दोनों पार्टियों ने कांग्रेस पर बिहार को फिर पुराने दौर में ले जाने की कोशिश का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि शराबबंदी कानून की वजह से गरीब तबके के परिवारों में खुशहाली आई है। उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर हुई है। इसके बावजूद कांग्रेस इसके खिलाफ बात कर रही है।

किसानों का कर्जा और बिजली माफ करने का वादा
कांग्रेस ने अपनने घोषणा पत्र को बिहार बदलाव पत्र नाम दिया है। इस घोषणा पत्र में कांग्रेस ने बिहार के किसानों से सत्ता में आने पर मुफ्त बिजली और कर्ज माफ करने का वादा किया है।

बिहार कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में घोषणा पत्र जारी करते हुए पार्टी नेता शक्ति सिंह गोहिल ने कहा कि कांग्रेस के सत्ता में आने पर सरकार किसानों का कर्ज माफ करेगी और बिजली बिल भी माफ करेगी। इसके अलावा किसानों को फसल का सही मूल्य दिलाने के लिए काम करेगी। उन्होंने कहा कि पंजाब की तर्ज पर केंद्र के कानून को खारिज किया जाएगा।

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने बताया कि 24 हज़ार करोड़ रुपए का जल से नल योजना का घोटला हमने देखा। बिहार में ‘राइट-टू-वॉटर’ यानी पानी का अधिकार (सरदार वल्लभ भाई पटेल पेय जल योजना) होगा। बिहार के केजी से पीजी तक बेटियों की शिक्षा मुफ्त होगी। इसके अलावा राजबब्बर ने कहा कि अगर कांग्रेस सत्ता में आती है तो नौकरी मिलने तक बेरोजगारों को हर महीने 1500 रुपए देगी। उन्होंने कहा कि नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में 10 लाख नौकरी देने का फैसला लिया जाएगा।

वहीं, कांग्रेस नेता तारिक अनवर ने कहा कि आज शिक्षा के लिए बिहार के छात्र बाहर जाने को मजबूर हैं। मुख्यमंत्री ने हाथ जोड़कर पटना विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाने का अनुरोध किया लेकिन प्रधानमंत्री ने नहीं सुनी। ये मुख्यमंत्री की हैसियत है प्रधानमंत्री के सामने। उन्होंने कहा कि बारहवीं कक्षा में 90% से ज्यादा नंबर लाने वाली छात्राओं को सरकार को स्कूटी देगी।

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