शिमला। कोरोना महामारी नागालैंड के पूर्व राज्यपाल और हिमाचल के डीजीपीकथित तौर पर आत्महत्या  कर ली है। शिमला में अपने आवास में वह फंदे लटके पाए गए। अश्वनी कुमार सीबीआई) रहे अश्वनी कुमार (70) ने के चीफ (CBI Chief) भी रह चुके हैं। इसके अलावा एलीट एसपीजी में विभिन्न पदों पर रहे हैं। पुलिस को सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। इसमें लिखा है कि जिंदगी से तंग आकर अगली यात्रा पर निकल रहा हूं।

अश्वनी कुमार मूल रूप से हिमाचल के सिरमौर जिले के नाहन के रहने वाले थे। 1973 बैच के आईपीएस थे। रिटायर होने के बाद लॉकडाउन के दौरान वे मुंबई में थे, लेकिन पिछले कुछ समय पहले वह अपने घर शिमला आ चुके थे।

अश्वनी कुमार अगस्त 2008 से नवंबर 2010 के बीच सीबीआई के निदेशक रहे। मार्च 2013 में उन्हें नगालैंड का राज्यपाल बनाया गया था। वर्ष 2014 में उन्होंने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया था। इसके बाद वह शिमला में एक निजी विश्वविद्यालय के वीसी भी रहे।

सूचना मिलते ही पुलिस और आईजीएमसी से डाक्टरों की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने मौके पर छानबीन शुरू कर दी है। एसपी शिमला  मोहित चावला ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि हिमाचल के पूर्व डीजीपी अश्वनी कुमार घर में फंदे पर लटकते पाए गए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि यह दुखद और चौंकाने वाली खबर है। क्योंकि वह पुलिस अधिकारियों के लिए एक आदर्श थे।

डीजीपी संजय कुंडू का कहना है कि आज शाम को करीब 7 बजे अश्वनी कुमार के बेटा और बहू वाॅक के लिए जा रहे थे। अश्वनी कुमार एक कमरे में मेडिटेंशन करते हैं। उन्होंने देखा कि कमरा बंद है। उन्होंने एक दरवाजे का लाॅक तोड़ा फिर दूसरे का। तीसरा दरवाजा खुला था। कमरे में उन्होंने देखा तो अश्वनी कुमार रस्सी से लटके हुए थे। उन्होंने रस्सी काटी और शव को नीचे उतारा। उन्होंने कहा कि अश्वनी शर्मा आज दोपहर व शाम के बीच माॅल पर वाॅक करने भी गए थे। फाॅरेंसिंक टीम ने मौके की जांच की है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। शव का पोस्टमार्टम कल करवाया जाएगा।

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