नई दिल्ली: कोरोनावायरस महामारी के चलते देशभर के सभी स्कूल मार्च के महीने से बंद हैं। स्कूलों के लंबे समय तक बंद रहने से स्टूडेंट्स की पढ़ाई का काफी नुकसान हुआ है। इस बीच सीबीएसई ने छात्रों के दबाव को कम करने के लिए सिलेबस में कटौती कर दी है। पढ़ाई में हुए इस नुकसान के मद्देनजर छात्रों के दबाव को कम करने के लिए सीबीएसई अकेडमिक ईयर 2020-2021 के लिए स्कूल के सिलेबस को 30 फीसदी कम कर दिया गया है।

मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने खुद से इस बात की जानकारी दी है. HRD मंत्री ने अपने ट्वीट में लिखा, “देश और दुनिया में पनपे हालातों के मद्देनजर CBSE को पाठ्यक्रम को संशोधित करने और कक्षा 9वीं से 12वीं के छात्रों के लिए कोर्स के दबाव को कम करने की सलाह दी गई थी. “

इससे पहले CISCE के 10वीं और 12वीं के छात्रों पर से अब सिलेबस का बोझ कम हो जाएगा। CISCE ने कोरोनावायरस संक्रमण की वजह से पैदा हुई स्थिति के मद्देनजर छात्रों के नुकसान की भरपाई करने का फैसला किया है। इस दौरान पाठ्यक्रम में 25 प्रतिशत कटौती की जाएगी। बता दें कि CBSE और CISCE द्वारा यह सिर्फ 2020-21 के छात्रों के मद्देनजर लिया जा रहा है क्योंकि कोरोना महामारी के दौरान और लॉकडाउन के कारण पढ़ाई में रुकावट का छात्रों को सामना करना पड़ा है।

कोरोनावायरस महामारी के कारण स्कूल बंद हैं और बच्चों की पढ़ाई ढंग से नहीं पा रही है, जिसकी वजह से बोर्ड ने यह फैसला किया है हालांकि ऑनलाइन क्लासेस चल रही हैं लेकिन उससे संभवत: उतनी पढ़ाई नहीं हो पा रही जितनी शायद सिलेबस को पूरा करने लिए होनी चाहिए।

पिछले महीने दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कोविड-19 से हुए नुकसान की भरपाई के लिए सभी क्लासेस के लिए 30 फीसदी सिलेबस कम करने की सलाह दी थी। शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मीटिंग के दौरान उन्होंने सिलेबस 30 से 50 फीसदी कम करने पर भी बात की थी।

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