शिवम द्विवेदी की रिपोर्ट

पटना, 01 जुलाई. पटना हाई कोर्ट ने आज पूर्वी चंपारण के पड़ीदयाल अंचल अंतर्गत डूमारवन पंचायत में एक रैयती जमीन को बिना किसी ठोस सबूत के पब्लिक लैंड कहते हुए ज़मीन मालिक को अतिक्रमणकारी करार देने पर नाराजगी जाहिर की है. कोर्ट ने इस मामले में राजस्व अधिकारियों की करतूत पर आश्चर्य जताते हुए पूर्वी चंपारण के डीएम से जवाब तलब किया है .कोर्ट ने डीएम से पूछा है कि पुश्तैनी रैयती ज़मीन को पब्लिक लैंड कैसे बनाया गया इसकी जानकर वे अगली सुनवाई पर कोर्ट में दें.
न्यायमूर्ति डॉ अनिल कुमार उपाध्याय की एकलपीठ ने जितेंद्र राम द्वारा दायर रिट याचिका पर अधिवक्ता बिनय कांत मणि त्रिपाठी को सुनने के बाद उक्त आदेश दिया .इसके साथ ही कोर्ट ने के याचिकाकर्ता की ज़मीन पर यथावत स्थिति बरकरार रखने का निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिया है . याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि विवादग्रस्त ज़मीन रैयात्ति है जिसे दशकों पहले उसके परदादा के नाम पर भूतपूर्व ज़मीन्दार ने बंदोबस्त कर दिया था . राजस्व अधिकारियों ने याचिकाकर्ता को सुनवाई का मौका दिए बगैर आनन फानन में उसे अतिक्रमणकारी करार दे दिया .

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