नई दिल्ली: दिल्ली दंगे के दौरान जाफराबाद इलाके में 24 फरवरी को फायरिंग करने वाला शाहरुख एक शातिर अपराधी की तरह फरारी काट रहा था. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के मुताबिक, जाफराबाद इलाके में फायरिंग करने के बाद वो अपने घर गया. वहां जैसे ही उसने टीवी पर फायरिंग करते हुए और कांस्टेबल दीपक दहिया पर पिस्टल तानते हुए अपने वायरल वीडियो देखें, वो घबरा गया.

जिसके बाद उसने तुरंत वो अपनी एस्टीम कार लेकर घर से फरार हो गया. शाहरुख सबसे पहले दिल्ली के कनॉट प्लेस की एक पार्किंग में पहुंचा.

जहां वो कई घंटों तक सोया, उसके बाद आधी रात को ही शाहरुख अपनी कार से पंजाब के जालंधर के लिए निकल गया.

वहां शाहरुख का एक दोस्त रहता था. शाहरुख ने पुलिस को बताया कि वो वहां दोस्त के यहां नहीं गया और सीधे यूपी के बरेली के लिए निकल पड़ा. बरेली में शाहरुख 2 दिन तक छिपा रहा जिसके बाद पुलिस से बचने के लिए उसने एक बार फिर लोकेशन बदली.

खास बात ये है कि फरारी के दौरान शाहरुख लगातार अखबारों और टीवी चैनलों के जरिये पुलिस की हर मूवमेंट को समझ कर ही सुरक्षित जगह तलाश रहा था. इसी बीच शाहरुख सीधे यूपी के शामली में कैराना की तरफ आ गया जहां उसका इस दोस्त रहता था.

शाहरुख ने पुलिस को चकमा देने के लिए अपना फोन बंद कर रखा था, लिहाजा क्राइम ब्रांच को अपने एक इनफॉर्मर यानी मुखबिर के जरिये उसके शामली में होने की खबर मिली और वहां बस अड्डे से उसकी गिरफ्तारी भी कर ली गयी.

जांच में क्राइम ब्रांच को पता चला है कि शाहरुख के पिता की जुर्राब बनाने की फैक्ट्री है जिसमे काम करने वाले एक कर्मचारी से उसने मुंगेर से एक पिस्टल मंगवाई थी. जिसका इस्तेमाल शाहरुख ने जाफराबाद फायरिंग में किया था.

फिलहाल, अब क्राइम ब्रांच शाहरुख से वो पिस्टल और फरारी में इस्तेमाल की गई एस्टीम कार बरामद करने की कोशिशों में लगी है. शाहरुख के खिलाफ धारा 186,353,307 और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज है.

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